छाया चित्र संगोष्ठी



 प्रतिभागियों का धन्यवाद

किसी भी संगोष्ठी के लिए प्रतिभागी आयोजकों के उत्साह को कई गुणा बढ़ा देते हैं| किसी भी सामजिक कार्य में यदि प्रतिभागी ही न हो तब वह काम न होने के बराबर है| मै खुले दिल से आपका धन्यवाद करता हूँ और आशा करता हूँ कि भारतीय भाषाओं में ज्ञान की सरिता को अनवरत आगे बढाने में आप का सतत सहयोग हमें अवश्य प्राप्त होगा| निश्चित रूप से हम इस वेबसाइट के माध्यम से हमेशा जुड़े रहेंगे और इस संगोष्ठी के आने वाले संस्करणों के बारे में चर्चा करते रहेंगे| मेरा विश्वास है कि हम इसके माध्यम से अपने देशवासियों के अधिक करीब पहुँच पायेंगे|


अतिथियों एवं राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान के गणमान्य का धन्यवाद

हमारे मार्गदर्शक श्री ओमविकास जी एवं पद्मश्री सतीश जी को हम धन्यवाद ज्ञापित करते हैं| आपके होने से प्रेरणा साकार रूप ले सकती है| मुख्य अतिथि श्री पर्वेंदर जी, श्री गुरप्रीत सिंह लेहल जी, सम्मानीय अतिथि श्री दीपक जी एवं पीठासीन श्री वी. के. अरोड़ा जी की मोजुदगी ने संगोष्ठी का उदघाटन को शोभित किया| राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान के डीन शोध एवं परामर्श श्री ब्रह्मजीत जी की मदद से यह संगोष्ठी को कुछ बजट मिल पाया, जिसके कारण वो कुछ हो पाया जो हम कर पाए| लाइब्ररियन श्री कृष्ण गोपाल जी ने सगोष्ठी कार्यवाही की स्पाइरल बाइंडिंग करवाने का बड़ा सहयोग दिया|

आयोजक टीम को धन्यवाद

मुझे बेहद दिली ख़ुशी है कि हम सब ने मिलकर एक विशिष्ट सपना देखा और उसे पाने का प्रयास किया| इस सपने के पीछे खड़ी अपनी टीम का धन्यवाद करना एक महत्वपूर्ण काम के साथ एक कठिन काम भी है| यह सोचना कि मै धन्यवाद कह कर आपकी मेहनत से न्याय कर पाऊंगा यह कठिन है| यह भी उतना ही कठिन है कि मै सबका नाम ठीक से याद रख पाऊंगा| बहुत सारे लोग योगदान देकर कही चले भी जाते हैं| और उनमे से कई ऐसे भी होते हैं जो कभी धन्यवाद की आस भी नहीं रखते| ऐसे लोगों को खोज पाना और उन्हें धन्यवाद देना आवश्यक है| किन्तु, यह काम अत्यंत मुश्किल है| फिर भी मै कोशिश करते हुए लिखूंगा जरुर|

शीष जी ने खाने-पीने, प्रशस्ति पत्र, पहचान पत्र बनवाने में खासी मदद दी| कहते हैं कई बार काम की मुश्किलें साथ होने से ही कम हो जाती हैं इसके लिए बेहद धन्यवाद|

डिंपल: मैडम की वजह से शुरू में बेहद ठंडी संगोष्ठी  न होने की उम्मीद बंधी और मैडम उसे कायम भी रखा| इसके साथ ही उन्होंने सारिका मैडम से साथ बेहद अच्छे से सत्रों का प्रबंधन कर लिया| यह सब कुछ इतना जोरदार था की मुझे कुछ सोचने की जरुरत नहीं थी|

दीपक जी ने संगोष्ठी की हिंदी वेबसाइट एवं ईमेल का बढ़िया प्रबंधन किया| नेहा के साथ उन्होंने इसका plagrism चेक भी कर दिया| मै सच कहूँ तो दीपक जी का काम बिलकुल शुरू से शुरू होकर आज भी ख़त्म नहीं हुआ है| किन्तु मुझे विशवास है कि वे इस साल का संगोष्ठी सम्बंधित काम अच्छे से जल्द ही पूर्ण कर देंगे|

तरुण जी ने प्रकाशन का काम बेहद खुबसूरत तरीके से किया, इनकी बदोलत यह संगोष्ठी की कार्यवाही pdf/doc फोर्मेट में उपलब्ध है और जल्द ही अपने वेब रूप में भी उपलब्ध होगी| इतना ही नहीं इसके call for abstract आदि भी इन्ही की देखरेख में बने

करण जी की बदोलत हमें अंग्रेजी भाषा की वेब साईट बनाने में बेहतरीन मदद मिली

गीतांजलि और गुरविंदर मैडम ने हमें किसी भी तरह से उदघाटन स्थल के बारे में ज्यादा परेशान नहीं होने दिया| इनकी वजह से ही उदघाटन इतना शानदार हो पाया| यही नहीं न जाने और कितने ही बार मैंने उन्हें अतिथियों में हो रही फेर बदल के लिए इन्हें परेशान किया| इन आखरी क्षणों के बदलावों को भी बड़ी आसानी से आपने कार्यक्रम में समाहित कर लिया कि शायद ही किसी को पता चला हो|

मुनीश जी ने सभी अतिथियों के आने-जाने की व्यवस्था में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी|

पूनम मैडम को मैंने कभी भी किसी भी समय हिंदी लिखने के लिए याद किया और समय का आभाव होते हुए भी उन्होंने जब हो सका तब मदद दी|

प्रतिक जी ने प्रशस्ति पत्रों को लिखवाने जिम्मेदारी अच्छे से संभाली, मुझे नहीं लगता यह काम किसी और को देना मेरे लिए सुखद रहता|

दीपिका मैडम ने NIT में सभी आमंत्रण भी भेजे, registration desk संभाली और कुछ भाषा अनुवाद में भी मदद की|

मुक्ताप्रियंका और भारती मैडम ने कई भिन्न प्रकार से मदद की|

विवेक-समृति ने कार्यवाही की प्रिंटिंग के लिए जो भी सरदर्द लिया हो मुझे नहीं पता लेकिन मशीन खराब होने से लेकर, टोनर खाली होने के बावजूद मुझे प्रिंटिंग ३ दिन में मिल गई|

अजय जी के कारण सभी का चाय-नाश्ता सही समय हो पाया और अतिथियों के TA/DA फॉर्म भरे जा सके|

राहुल, तुम्हे यहाँ से वहां दौड़ना अच्छा लगता है इसलिए इधर-उधर भागने के काम तुम पर ही रहे|

नेहा ने plagrism चेक से लेकर, शुरू से लेकर आखिर तक रजिस्ट्रेशन को संभाला| मै जानता हूँ कि कितनी मेहनत होती है पैसे से सम्बंधित काम देखने में|

छवि और उसकी टीम से हमेशा की तरह बेहतरीन एंकरिंग मिली|

कशिश और उसकी टीम से फोटोज अब संगोष्ठी की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं| हाँ अभी मै tilted की फोटोज के इन्तेजार में हूँ.. जिन्हें मिलते ही साझा करूँगा|

अभी विशाल की टीम से पंजाबी संस्करण लेना बाकी है, जो परीक्षाओं बाद मिलने की उम्मीद है|

बहुत से स्वयंसेवकों के नाम मेरे पास हैं ही नहीं जिनकी वजह से पूरा कार्यक्रम बढ़िया से पूरा हो सका उन सभी दोस्तों का बेहद धन्यवाद|

सारिका का मैडम को उनके बिना शर्त के किसी भी काम को तुरंत हाथ में लेने के लिए धन्यवाद|

आशुतोष सर को धन्यवाद, शायद कुछ काम तो उनके फ़ोन से ही हो गए, और हमें कभी यह नहीं सोचना पड़ा कि इनके लिए क्या करना है|

आप सभी का बेहद धन्यवाद|